पहचान कफ़न से नहीं होती हैं दोस्तों. लाश के पीछे काफिला बयां कर देता हैं, रुतबा किसी हस्ती का हैं.

पहचान कफ़न से नहीं होती हैं दोस्तों.
लाश के पीछे काफिला बयां कर देता हैं,
रुतबा किसी हस्ती का हैं.