होने दो मुख़ातिब मुझे आज इन होंटो से अब्बास बात न तो ये समझ रहे है पर गुफ़्तगू जारी है

होने दो मुख़ातिब मुझे आज इन होंटो से अब्बास
बात न तो ये समझ रहे है पर गुफ़्तगू जारी है