गलतफहमी की गुंजाईश नहीं सच्ची मोहब्बत में जहाँ किरदार हल्का हो कहानी डूब जाती है

गलतफहमी की गुंजाईश नहीं सच्ची मोहब्बत में
जहाँ किरदार हल्का हो कहानी डूब जाती है