दौलत की तरह ख़ुशी भी प्रत्यक्ष रूप से नही मिलती यह किसी उपयोगी सेवा के फलस्वरूप ही मिलती है

दौलत की तरह ख़ुशी भी प्रत्यक्ष रूप से नही मिलती
यह किसी उपयोगी सेवा के फलस्वरूप ही मिलती है