अपनों के बीच बेगाने हो गए हैं प्यार के लम्हे अनजाने हो गए हैं जहाँ पर फूल खिलते थे कभी आज वहां पर वीरान हो गए हैं

अपनों के बीच बेगाने हो गए हैं
प्यार के लम्हे अनजाने हो गए हैं
जहाँ पर फूल खिलते थे कभी
आज वहां पर वीरान हो गए हैं